सामान्य ज्ञान

bharat mein sabse adhik varsha kahan hoti hai | भारत में सबसे ज्यादा वर्षा कहां होती है

bharat mein sabse adhik varsha kahan hoti hai | भारत में सबसे ज्यादा वर्षा कहां होती है भारत में सबसे ज्यादा वर्षा मेघालय राज्य के मौसिनराम में होती है। यहां सालाना औसतन 11871 मिलीलीटर वर्षा होती है। सबसे पहले भारत में सबसे ज्यादा वर्षा वाला जगह में मेघालय राज्य के चेरापूंजी का नाम आता था जिसे स्थानीय भाषा में सोहरा भी कहते हैं। यहां वर्षा मौसिनराम से 100 मिलीलीटर कम होती है। इस कारण से यह भारत में पहले एवं दूसरे नंबर के सबसे अधिक वर्षा वाले स्थान बन गए हैं।

मेघालय की जलवायु

मेघालय की जलवायु उपोष्ण तथा आर्द्र है। जिसके कारण से यहाँ बहुत ज्यादा नमी रहती है। और इसका असर यहाँ के पेड़ पौधों पर पड़ता है यहाँ के पेड़ पौधे , और घास बहुत ही लम्बे लम्बे होते है तथा झुकी हुई होती है।

bharat mein sabse adhik varsha kahan hoti hai | भारत में सबसे ज्यादा वर्षा कहां होती है
bharat mein sabse adhik varsha kahan hoti hai | भारत में सबसे ज्यादा वर्षा कहां होती है

जलवायु के कारण वेशभूषा में परिवर्तन

मौसिनराम में अत्यधिक वर्षा होने के कारण यहां के लोगों द्वारा सामान्य जल्दी सूखने वाले कपड़े एवं प्लास्टिक एवं रबड़ के जूतों का इस्तेमाल किया जाता है। ताकि यह जल्दी सुख सके इसके अलावा अत्यधिक वर्षा एवं नमी के कारण यहां के लोगों के द्वारा मांसाहारी भोजन का सेवन अधिक मात्रा में किया जाता है तथा यहां के बाजार में भी वर्षा से बचने के लिए प्लास्टिक एवं पॉलिथीन की बनी चटाई जैसे चादर को अपने-अपने दुकानों में सामान को ढंक कर रखने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

पर्यटकों को आकर्षित करता है

मौसिनराम के समीप की मौजिमबुइन गुफा में शताब्दियों तक गुफा की छत से टपकते जल में घुले हुए खनिजों के जमने से बना प्राकृतिक स्टैलैगमाइट जिसे देखने के लिए लोग दूर दूर से आते है यहाँ का दृश्य बहुत ही मनोरम लगता है जिसके कारण यह पर्यटकों को लुभाता है। और यहाँ बहुत ही सुन्दर सुन्दर जलप्रपात भी है।

भारत में सबसे ज्यादा वर्षा मौसिनराम में क्यों होती है ?

मौसिनराम की भौगोलिक बनावट इस प्रकार है की यह गारो,खासी तथा जयंतिया की पहाड़ियां से घिरी हुई है जिसके कारण से मानसून हवाएं इन पहाड़ों के बीच मे से निकल नहीं पाती है और मानसून हवाएं पहाड़ के ऊपर की तरफ उठने के लिए मजबूर हो जाती है।

ऊपर की तरफ उठने से बादल बनने लगते है और वर्षा होती है। गारो,खासी तथा जयंतिया पहाड़ियां की आकृति कीप जैसी होती है जिसके कारण मानसून हवाएं इन पहाड़ से निकल नहीं पाती है और फंस जाती है बड़ी मात्रा में वर्षा होती है।

नोट :- हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण है। क्योंकि विभिन्न प्रकार के प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे रेलवे बोर्ड भर्ती परीक्षा, यूपीएससी भर्ती परीक्षा, कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा इत्यादि भर्ती परीक्षाओं में इससे संबंधित प्रश्न उत्तर प्रतिवर्ष पूछे जाते हैं। अतः यह जानकारी को पढ़कर अन्य लोगों तक अवश्य पहुंचाए।

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