भारतीय इतिहास

  • ऋग्वेद में 10 मंडल 1028 सूक्त है विश्वामित्र द्वारा रचित ऋग्वेद के तीसरे मंडल में सूर्य देवता सावित्री को समर्पित प्रसिद्ध गायत्री मंत्र है सबसे प्राचीन वेद ऋग्वेद एवं सबसे बाद का वेद अथर्ववेद है
  • स्त्री की सर्वाधिक गिरी हुई स्थिति मैत्री यानी संहिता से प्राप्त होती है पुराणों में मत्स्य पुराण सबसे प्राचीन और प्रामाणिक है कल्हण द्वारा रचित पुस्तक राज तरंगिणी हैं जिसका संबंध कश्मीर के इतिहास से है
  • जैन साहित्य को आगम कहा जाता है जैन धर्म का प्रारंभिक इतिहास कल्पसूत्र से ज्ञात होता है हेरोडोटस को इतिहास का पिता कहा जाता है इसने अपनी पुस्तक हिस्टोरीका में पांचवी शताब्दी ईसा पूर्व के भारत फारस के संबंध का वर्णन किया है
  • चीनी यात्री हेनसांग यह हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत आया था इसका भ्रमण वृतांत सी यू की नाम से प्रसिद्ध है अभिलेखों का अध्ययन एपीग्राफी कहलाता है
  • सर्वप्रथम भारतवर्ष का जिक्र हाथीगुंफा अभिलेख में हैं प्राचीनतम सिक्कों को आहत सिक्के कहा जाता है  सिक्कों पर लेख लिखने का कार्य यवन शासकों ने किया
  • समुद्रगुप्त की वीणा बजाती हुई मुद्रा वाले सिक्के से उसके संगीत प्रेमी होने का प्रमाण मिलता है आग का आविष्कार पूरा पाषाण काल एवं पहिए का नवपाषाण काल में हुआ
  • मनुष्य ने सर्वप्रथम तांबा धातु का प्रयोग किया तथा उसके द्वारा बनाया जाने वाला प्रथम औजार कुल्हाड़ी था कृषि का प्रथम उदाहरण मेहरगढ़ से प्राप्त हुआ है
  • सिंधु सभ्यता की खोज रायबहादुर दयाराम साहनी ने की लोथल एवं शुद्ध कोतरा सिंधु सभ्यता का प्रमुख बंदरगाह थी सिंधु सभ्यता की लिपि भाव चित्रात्मक है या लिपिक दाएं से बाएं और लिखे जाते थे
  • पर्दा प्रथा एवं वेश्यावृत्ति सैंधव सभ्यता में प्रचलित था आर्यों की प्रमुख भाषा संस्कृत थी राज्य अधिकारियों में पुरोहित एवं सेनानी प्रमुख थे आर्यों का समाज पितृ प्रधान था आर्यों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन एवं कृषि था
  • आर्यों का मुख्य पेय पदार्थ सोमरस था आर्यों का प्रिय पशु घोड़ा एवं सर्वाधिक प्रिय देवता इंद्र थे आर्यों द्वारा खोजी गई धातु लो हाथी जिसे श्याम अयस कहा जाता था
  • जैन धर्म के संस्थापक एवं प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव थेमहावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें एवं अंतिम तीर्थंकर हुए महावीर का जन्म 540 ईसा पूर्व में कुंड ग्राम वैशाली में हुआ था इनके पिता सिद्धार्थ और माता त्रिशला थी महावीर की पत्नी का नाम यशोदा एवं पुत्री का नाम अनुजा प्रियदर्शनी थी महावीर के बचपन का नाम वर्धमान था
  • जैन धर्म के त्रिरत्न है सम्यक दर्शन सम्यक ज्ञान और सम्यक आचरण जैन धर्म ने अपने आध्यात्मिक विचारों को सांख्य दर्शन से ग्रहण किया जैन तीर्थंकरों की जीवनी भद्रबाहु द्वारा रचित कल्पसूत्र में है

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