भारतीय संविधान सामान्य ज्ञान

  • भारतीय संविधान निर्मित करने हेतु संविधान सभा का गठन जुलाई 1946 में किया गया संविधान सभा का गठन कैबिनेट मिशन योजना के प्रावधानों के अनुसार अप्रत्यक्ष रूप से राज्य की विधान सभा द्वारा किया गया था
  • भारत-पाकिस्तान के विभाजन के परिणाम स्वरूप 31 अक्टूबर 1947 तक संविधान सभा के सदस्यों की संख्या घटकर 299 रह गई
  • संविधान सभा की प्रथम बैठक 9 दिसंबर 1946 को हुई थी संविधान सभा की प्रथम बैठक के अध्यक्ष डॉ सच्चिदानंद सिन्हा बने जिसका मुस्लिम लीग द्वारा विरोध किया गया
  • 11 दिसंबर 1946 को संविधान सभा के स्थाई अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद को बनाया गया संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार के पद पर श्री बी एन राव को नियुक्त किया गया
  • 13 दिसंबर 1946 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने विधानसभा में उद्देश्य प्रस्ताव प्रस्तुत किया 22 जनवरी 1947 को संविधान सभा द्वारा उद्देश्य प्रस्ताव पारित कर दिया गया सबसे प्रमुख प्रारूप समिति का गठन
  • 29 अगस्त 1947 को डॉ भीमराव अंबेडकर की अध्यक्षता में किया गया भारतीय संविधान का प्रारूप प्रारूप समिति ने तैयार किया जिसे फरवरी 1948 में प्रकाशित किया गया
  • संविधान सभा की अंतिम वाचन की बैठक 14 नवंबर 1949 से 26 नवंबर 1949 तक चली 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद तथा अन्य सदस्यों के इस पर हस्ताक्षर कर इसे पारित घोषित कर दिया
  • भारतीय संविधान के निर्माण में कुल 2 वर्ष 11 माह तथा 18 दिन लगे भारतीय संविधान के कुछ विशेष प्रावधानों यथा नागरिकता निर्वाचन तथा अंतरिम संसद से संबंधित एवं स्थाई एवं संक्रमण कार्य उप बंधुओं अनुच्छेद 5678 9 sath 324 366 367 372 380 388 391 392 393 आदि को 26 नवंबर 1949 से लागू कर दिया गया
  • डॉक्टर भीमराव अंबेडकर को संविधान सभा का पिता कह कर पुकारा जाता है प्रस्तावना के अनुसार सविधान के अधीन समस्त शक्तियों का केंद्र बिंदु अथवा स्रोत भारत के लोग ही हैं 42 वें संविधान संशोधन अधिनियम 1976 के द्वारा इसमें समाजवादी पंथ निरपेक्ष और राष्ट्र की अखंडता शब्द जोड़े गए प्रस्तावना को न्यायालय में परिवर्तित नहीं किया जा सका यह निर्णय यूनियन आफ इंडिया बनाम मदन गोपाल 1957 के निर्णय में घोषित किया गया
  • अनुच्छेद 2 के अनुसार भारतीय संसद विधि द्वारा ऐसे निरबंधनओ और शर्तों पर जिन्हें वह ठीक समझें संघ में नए राज्यों के प्रवेश या उनकी स्थापना कर सकती है
  • अनुच्छेद 3 के तहत भारतीय संसद विधि द्वारा किसी राज्य में से उसका राज्य क्षेत्र अलग करके अथवा दो या अधिक राज्यों का या राज्य के भागों को मिलाकर नए राज्य का निर्माण कर सकती है स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात लगभग 542 देसी रियासतों में से 539 रियासतों का विलय तत्कालीन गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल ने स्वेच्छा से कराया राज्य पुनर्गठन अधिनियम 1956 के अंतर्गत कुल 14 राज्य और 6 केंद्र शासित प्रदेश थे
  • मौलिक अधिकार का प्रावधान अमेरिकी संविधान से लिया गया है मौलिक अधिकार न्यायालय में प्रवर्तनी हैं तथा इनका उल्लंघन करने वाली किसी विधि को न्यायालय शुन्य अर्थात निरस्त घोषित कर सकती है
  • भारतीय संविधान के तृतीय भाग में अनुच्छेद 12 से 36 के अंतर्गत नागरिकों के मूल अधिकारों का विस्तृत विवेचन किया गया है पहले संपत्ति का अधिकार भी मौलिक अधिकार की श्रेणी में सम्मिलित था लेकिन इसे 1978 में किए गए 44 वें संविधान संशोधन द्वारा इस श्रेणी से हटाकर मात्र एक कानूनी अधिकार घोषित कर दिया गया अब इसकी व्यवस्था संविधान के अनुच्छेद 300 क मैं है
  • 28 अगस्त 2000 को राष्ट्रपति ने मध्य प्रदेश उत्तर प्रदेश एवं बिहार राज्य को विभाजित करके तीन नए राज्यों क्रमशः छत्तीसगढ़ उत्तरांचल और झारखंड के गठन से संबंधित विधायकों को अपनी संतुष्टि प्रदान की
  • राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों का विचार आयरलैंड के संविधान से लिया गया है भारतीय संविधान के भाग 4 के अनुच्छेद 36 से 51 में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों का समावेश किया गया है
  • संविधान के पुनरीक्षण के लिए गठित स्वर्ण सिंह समिति की रिपोर्ट के आधार पर 1976 ईस्वी में 42 वें संविधान संशोधन द्वारा संविधान के भाग 4 क तथा अनुच्छेद 51 क को जोड़कर मूल कर्तव्यों का समावेश किया गया मूल कर्तव्य का उल्लेख पूर्व सोवियत संघ के संविधान के अतिरिक्त विश्व के किसी अन्य देश के संविधान में नहीं है
  • 70 वें संविधान संशोधन से पूर्व राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में संघ राज्य क्षेत्रों की विधानसभाओं के सदस्यों को शामिल नहीं किया जाता था लेकिन 70 वें संविधान संशोधन द्वारा यह व्यवस्था कर दी गई कि दो संघ राज्य क्षेत्र पांडिचेरी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधानसभाओं के सदस्य राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल में शामिल किए जाएंगे
  • राष्ट्रपति संविधान के अनुच्छेद 85 के अंतर्गत लोकसभा भंग कर सकता है इसी राज्य का राज्यपाल विधान मंडल द्वारा पारित विधेयकों को राष्ट्रपति के विचार के लिए आरक्षित कर सकता है संघ लोक सेवा आयोग और संयुक्त लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष एवं सदस्यों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है

Leave a Comment