• भारतीय संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित है भारत में संसदीय व्यवस्था को अपनाया गया है अतः राष्ट्रपति नाम मात्र की कार्यपालिका है तथा प्रधानमंत्री तथा उसका मंत्रिमंडल वास्तविक कार्यपालिका है राष्ट्रपति देश का संवैधानिक प्रधान होता है राष्ट्रपति भारत का प्रथम नागरिक कहलाता है  राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियां आपात काल से संबंधित उपबंध भारतीय संविधान के भाग 18 के अनुच्छेद इनसे 360 के अंतर्गत मिलता है मंत्रिपरिषद के परामर्श से राष्ट्रपति तीन प्रकार के आपात लागू कर सकते हैं पहला युद्ध या बाहरी आक्रमण या सशस्त्र विद्रोह के कारण लगाया गया आपात अनुच्छेद 352 दूसरा राज्य में संवैधानिक तंत्र के विफल होने से उत्पन्न आपात अनुच्छेद 356 तीसरा वित्तीय आपात अनुच्छेद 360. 
  • संविधान के अनुच्छेद 93 के अनुसार लोकसभा स्वयं ही अपने सदस्यों में से एक अध्यक्ष और एक उपाध्यक्ष का निर्वाचन करेंगे अध्यक्ष उपाध्यक्ष को तथा उपाध्यक्ष अध्यक्ष को त्यागपत्र देता है लोकसभा के अध्यक्ष अध्यक्ष के रूप में शपथ नहीं लेता बल्कि सामान्य सदस्य के रूप में शपथ लेता है 14 दिन के पूर्व सूचना देकर लोकसभा के तत्कालीन समस्त सदस्यों के बहुमत से पारित संकल्प द्वारा अध्यक्ष तथा उपाध्यक्ष को पद से हटाया जा सकता है लोकसभा के भंग होने की स्थिति में अध्यक्ष अपना पद अगली लोक सभा की पहली बैठक होने तक खाली नहीं करता है
  • अनुच्छेद 1 यह घोषणा करता है कि भारत राज्यों का संघ है
  • अनुच्छेद 3 संसद विधि द्वारा नए राज्य बना सकती है तथा पहले से अवस्थित राज्यों के क्षेत्रों सीमाओं एवं नामों में परिवर्तन कर सकती है
  • अनुच्छेद 5 संविधान के प्रारंभ होने के समय भारत में रहने वाले सभी व्यक्ति यहां के नागरिक होंगे जिनका जन्म भारत में हुआ हो जिनके पिता माता भारत के नागरिक हो या संविधान के प्रारंभ के समय से भारत में रह रहे हो
  • अनुच्छेद 53 संघ की कार्यपालिका संबंधी सकते राष्ट्रपति में निहित रहेगी अनुच्छेद 64 उपराष्ट्रपति राज्यसभा का पदेन अध्यक्ष होगा
  • अनुच्छेद 74 एक मंत्री परिषद होगी जिसके सिर पर प्रधानमंत्री रहेगा जिसकी सहायता एवं सुझाव के आधार पर राष्ट्रपति अपने कार्य संपन्न करेगा राष्ट्रपति मंत्रिपरिषद के लिए किसी सलाह के पुनर्विचार को आवश्यक समझ सकता है
  • अनुच्छेद 76 राष्ट्रपति द्वारा महान्यायवादी की नियुक्ति की जाएगी
  • अनुच्छेद 78 प्रधानमंत्री का यह कर्तव्य होगा कि वह देश के प्रशासनिक एवं विधाई मामलों तथा मंत्रिपरिषद के निर्णय के संबंध में राष्ट्रपति को सूचना दें यदि राष्ट्रपति इस प्रकार की सूचना प्राप्त करना आवश्यक समझे
  • अनुच्छेद 110 धन विधेयक को इस में परिभाषित किया गया है
  • अनुच्छेद 124 इसके अंतर्गत सर्वोच्च न्यायालय के गठन का वर्णन है
  • अनुच्छेद 239 केंद्र शासित प्रदेशों का प्रशासन राष्ट्रपति द्वारा होगा यदि वह उचित समझे तो बगल के किसी राज्य के राज्यपाल को इसके प्रशासन का दायित्व सौंप सकते हैं या प्रशासक की नियुक्ति कर सकता है
  • अनुच्छेद 243 इसमें पंचायत एवं नगरपालिका के गठन संरचना आरक्षण शक्तियां प्राधिकार एवं उत्तरदायित्व से संबंधित प्रावधान दिया गया है
  • अनुच्छेद 267 संसद विधि द्वारा एक आकस्मिक निधि स्थापित कर सकती है जिसमें अकस्मात उत्पन्न परिस्थितियों के लिए राशि एकत्र की जाएगी
  • अनुच्छेद 326 लोकसभा तथा विधानसभा में चुनाव व्यस्क मताधिकार के आधार पर होगा
  • अनुच्छेद 330 लोकसभा में अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों के लिए आरक्षण
  • अनुच्छेद 332 अनुसूचित जातियों एवं जनजातियों का विधानसभा में आरक्षण का प्रावधान
  • अनुच्छेद 351 यह संघ का कर्तव्य होगा कि वह हिंदी भाषा का प्रसार एवं उत्थान करें ताकि वह भारत की मिश्रित संस्कृति के सभी अंगों के लिए अभिव्यक्ति का माध्यम बने

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