Know which are the major industries of Chhattisgarh | छत्तीसगढ़ के प्रमुख उद्योग कौन कौन से है जानिए

Know which are the major industries of Chhattisgarh | छत्तीसगढ़ के प्रमुख उद्योग कौन कौन से है जानिए

Know which are the major industries of Chhattisgarh
Know which are the major industries of Chhattisgarh | छत्तीसगढ़ के प्रमुख उद्योग कौन कौन से है जानिए

Know which are the major industries of Chhattisgarh प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं ऐसे अभ्यर्थी जो छत्तीसगढ़ gk विषय की तैयारी कर रहे हैं Top 10 industries in Chhattisgarh ऐसे अभ्यर्थियों के लिए हमारे इस पोस्ट में  छत्तीसगढ़ gk   से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न उत्तर की जानकारी दी जा रही है यह प्रश्न उत्तर संघ लोक सेवा आयोग परीक्षा, रेलवे परीक्षा ,कर्मचारी चयन आयोग, व्यापम परीक्षा ,पटवारी परीक्षा ,इत्यादि प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाते हैं छत्तीसगढ़ के प्रमुख उत्पाद इसलिए यह प्रश्न उत्तर बहुत ही महत्वपूर्ण है।

छत्तीसगढ़ की सामान्य ज्ञान की जानकारी रखने वालों के लिए हम अपने इस पोस्ट में छत्तीसगढ़ के प्रमुख उद्योगों की विस्तार पूर्वक जानकारी दे रहे हैं छत्तीसगढ़ के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों की सूची छत्तीसगढ़ राज्य खनिज संपदा वन संपदा तथा सभी चीजों से परिपूर्ण है जिसके कारण छत्तीसगढ़ औद्योगिक दृष्टि से भारत में छत्तीसगढ़ का अपना अलग स्थान है छत्तीसगढ़ के प्रमुख उत्पादन का उपयोग जिसके कारण छत्तीसगढ़ उद्योगों में बहुत ही संपन्न है।

छत्तीसगढ़ के प्रमुख उद्योग मुख्यतः तीन हैं जिसके वजह से छत्तीसगढ़ लगातार विकास कर रहा है यह उद्योग है पहला खनिज आधारित उद्योग दूसरा वन आधारित उद्योग तीसरा कृषि आधारित उद्योग इन तीनों उद्योगों के कारण छत्तीसगढ़ के लाखों लोगों को रोजगार का साधन मिल रहा है छत्तीसगढ़ के प्रमुख उद्योग कौन-कौन से जिले में हैं तथा कौन से आधारित उद्योग हैं इन उद्योगों का वर्णन विस्तार पूर्वक वर्णन इस प्रकार है।

  • छत्तीसगढ़ में कृषि पर आधारित प्रमुख उद्योग
  • राज्य में कृषि उत्पादों का मूल्य संवर्धन हो रहा है क्योंकि 15 सौ से अधिक राइस मिलें, 200 से अधिक दाल मिले 200 कोमा से अधिक वह मिले तथा 20 से अधिक खाद्यान्न में तेल मिले हैं।
  • छत्तीसगढ़ में कृषि पर आधारित प्रमुख उद्योग चावल एवं शक्कर उद्योग है, इसके अतिरिक्त सोयाबीन सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन प्लांट दुर्ग, रायपुर एवं बिलासपुर जिले में तथा एकमात्र जूट उद्योग रायगढ़ जिले में स्थापित है।
  • चावल उद्योग:- छत्तीसगढ़ क्षेत्र धान का कटोरा कहलाता है, यहां राइस मिलों की संख्या 1500 से अधिक है राइस मिलों का संकेंद्रण सर्वाधिक धमतरी जिले में है. रायपुर, बलौदाबाजार, गरियाबंद, महासमुंद कॉमन बालोद, बेमेतरा, राजनंदगांव, बिलासपुर, मुंगेली, जांजगीर, रायगढ़  एवं कांकेर जिले है इसके अलावा हालर मिल, चिवड़ा मिल भी प्रदेश में स्थापित है।
  • शक्कर कारखाना:-  भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना समिति द्वारा कबीरधाम जिले के रामहेपुर गांव (बोड़ला विकासखंड)  मैं छत्तीसगढ़ का प्रथम शक्कर कारखाना स्थापित किया गया है, शक्कर के  सह उत्पाद मोलासेसे  से इथेनॉल तथा 6 मेगावाट बिजली भी उत्पादित की जाती है। कारखाने को गन्ने की आपूर्ति कवर्धा, दुर्ग, बिलासपुर एवं राजनांदगांव जिले के गन्ना उत्पादक क्षेत्रों से होती है।
  • बालोद जिले के करकाभाट गांव ( बालोद तहसील) में मां दंतेश्वरी सहकारी शक्कर में स्थापित किया गया है। 
  • सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम केता में शक्कर कारखाना स्थापित।
  • कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के ग्राम  बिसेसर में सरकारी आधार पर नवीन शक्कर कारखाना स्थापित, इसका नाम सरदार वल्लभ भाई पटेल के नाम पर रखा गया है।
  • बरमकेला (जिला- रायगढ) में भी शक्कर कारखाना प्रस्तावित है।
  • राइस ब्रान आयल:- रायगढ़, बिलासपुर, रायपुर एवं दुर्ग में धान की भूसी से तेल निकालने के अनेक संयंत्र स्थापित है, महासमुंद में साल बीज से तेल निकालने का संयंत्र है।
  • वस्त्र उद्योग:- आधुनिक सूती वस्त्र निर्माण का एकमात्र कारखाना प्रदेश में राजनांदगांव में स्थित है जिसका नाम बंगाल – नागपुर कॉटन मिल्स है यह मिल वर्तमान में बंद है।
  • जूट उद्योग:- रायगढ़ मोहन जूट मिल रायगढ़ में स्थित है।
  • कागज उद्योग:- प्रदेश की प्रमुख कागज मिले हैं- कनोई पेपर मिल बिलासपुर कॉम मध्य भारत पेपर मिल चांपा, हनुमान एग्रो इंडस्ट्रीज जिला गरियाबंद।
  • उर्वरक उद्योग:- बिलासपुर के तिफरा में बी.ई.सी. फ़र्टिलाइज़र तथा दुर्ग जिले में कुम्हारी क्षेत्र में धर्म सी मोरारजी केमिकल स्थापित है।
  • रेशम उद्योग एवं हथकरघा:-
    प्रदेश में रेशम उद्योग के लिए परियोजना आधारित विकास प्रक्रिया अपनाते हुए (SOIL TO SILK) नामक परियोजना चलाई जा रही है, रेशम उद्योग से विकास के लिए पूर्व बिलासपुर संभाग के जिलों में जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल को-ऑपरेटिव के सहयोग से छत्तीसगढ़ रेशम परियोजना प्रारंभ की गई है। 
  • रेशमी वस्त्र कोसा के लिए चांपा, रायगढ़ और कोरबा क्षेत्र की देश भर में विख्यात है, दंडकारण्य क्षेत्र बस्तर आदि में रैली प्रजाति का टशन कौशल प्रचुर मात्रा में होता है। 
  • टशन धागा करण योजना अंतर्गत 183 महिला स्व सहायता धागाकरण समूह कार्यरत है। 
  • हथकरघा उद्योग:-जांजगीर-चांपा व कोरबा का कोसा उत्पादन विख्यात है, इन कपड़ों का उत्पादन हथकरघा द्वारा होता है। 
  • राज्य में लगभग 15997 करघो  पर लगभग 47991 बुनकर प्रत्यक्ष -अप्रत्यक्ष रूप से रोजगाररत है।
  • छत्तीसगढ़ में वनो पर आधारित उद्योग
  • बीड़ी उद्योग:-  तेंदूपत्ता छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे महत्वपूर्ण लघु वनोपज है जिस का उत्पादन प्रदेश में देश के कुल तेंदूपत्ता का 17 प्रतिशत होता है प्रदेश में बीड़ी उद्योग मुख्यता राजनांदगांव, बिलासपुर एवं बस से जिले में है इसके अतिरिक्त दुर्ग जिले में निजी क्षेत्र के सिगरेट कारखाने स्थापित का। 
  • कोसा उद्योग:- कोसा के कीड़ों का पालन मुख्यतः अर्जुन, साजा साल विश्व में किया जाता है, कोसा रेशम का ही स्थानीय प्रकार ह,ै कोसा कीड़ों का पालन मुख्यता बस्तर, रायगढ़, बिलासपुर जांजगीर चांपा एवं सरगुजा जिले में किया जाता है. राज्य सरकार द्वारा रेशम विकास की योजनाओं के माध्यम से कोसा बीज केंद्र हथकरघो के आधुनिकीकरण, धागा बनाने के केंद्र, कोल्ड स्टोरेज आदि का निर्माण कर रेशम उद्योग के विकास हेतु अंधोंसंरचनात्मक ढांचा विकसित किया है। 
  • कागज उद्योग:- राज्य के वनों में बांस प्रजाति के वृक्ष 6309 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में विस्तृत है जिसकी लुगदी का प्रयास मुख्यतः कागज के निर्माण में होता है प्रदेश में  प्रमुख कागज कारखाने मध्य भारत मिल जावा कोरियन( कनोई) पेपर मिल बिलासपुर स्थापित है, रायगढ़ में निजी क्षेत्र का कागज कारखाना स्थापित किया जा रहा है।

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  • प्लाईवुड एवं लकड़ी चिराई उद्योग:- इमारती लकड़ियों को आरा मिल में चीरने की प्रमुख कारखाने जगदलपुर, दंतेवाड़ा, कांकेर , राजनंदगांव, दुर्ग एवं कवर्धा जिले में  स्थित है। 
  • हर्रा उद्योग:- प्रदेश में प्रतिशत 20 – 25  हजार  टर्न  हर्रा वनोपज संग्रहित किया जाता है जो देश के कुल उत्पादन का 60 प्रतिशत है हर्रे का प्रयोग मुख्यता: चर्म उद्योग, औषधि उद्योग एवं रसायन उद्योग में किया जाता है. हर्रा उद्योग प्रदेश में रायपुर एम धमतरी जिले में मुख्य रूप से केंद्रित है।

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  • लाख उद्योग:-  पलाश, कुसुम, बेर आदि वृक्षों में लाख के कीट पलते हैं जिनके स्त्रावण से लाख प्राप्त होते हैं. लाख का प्रयोग मुख्यतः चूड़ी उद्योग वैक्स सील, पेंट बनाने, आभूषण के निर्माण एवं रसायन उद्योग में किया जाता है. धमतरी जिले में मुख्य रूप से लाख के कारखाने स्थित है।
  • कत्था संयंत्र:-  प्रदेश का एकमात्र तथा संयंत्र सरगुजा में है, उल्लेखनीय है कि सरगुजा में खैर वृक्षों की बहुलता है जिससे  कत्था निकाला जाता है।
  • पेपर ट्यूब:-  रायगढ़ पेपर ट्यूब क्र., स्ट्रा बोर्ड ( पूट्ठा)  पेपर ट्यूब बनाने वाली राज्य की एकमात्र कंपनी। 
  • उद्योगों के अतिरिक्त रसायन उद्योग मुख्यतः रायपुर, बिलासपुर कोमा दुर्ग जिलों में, मार्बल ग्रेनाइट उद्योग वस्त्र व रायपुर जिले में तथा कुकिंग गैस बॉटलिंग प्लांट मंदिर हसौद, रायपुर जिले में स्थापित है।

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