महासागरीय जलधाराएं, प्रकार,सारगैसो सागर,ज्वार-भाटा का विस्तारपूर्वक वर्णन

  • महासागरीय जलधाराएं
  • एक निश्चित दिशा में बहुत अधिक दूरी तक महासागरीय जल की एक विशाल जल राशि के प्रवाह को महासागरीय जलधारा कहते हैं या धारा दो प्रकार की होती है गर्म जलधारा और ठंडी जलधारा
  • 1.गर्म जलधारा:-निम्न अक्षांश ओं में उष्णकटिबंधीय से उच्च समशीतोष्ण और उपध्रुवीय कटीबंधो की ओर बहने वाली जल धाराओं को गर्म जलधारा कहते हैं यह प्राया भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर चलती है इनके जल का तापमान मार्ग में आने वाले जल के तापमान से अधिक होता है अतः यह धाराएं जिन क्षेत्रों में चलती है वहां का तापमान बढ़ा देती है।
  • 2.ठंडी जलधारा:-उच्च अक्षांशों से निम्न अक्षांशों की ओर बहने वाली जलधारा को ठंडी जलधारा कहते हैं यह प्रायः ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर चलती है इनके जल के तापमान रास्ते आने वाले जल के तापमान से कम होता है अतः यह धाराएं जिन क्षेत्रों में चलती हैं वहां तापमान घटा देती हैं।
  • उत्तरी गोलार्ध की जलधाराएं अपने दाएं और तथा दक्षिण गोलार्ध की जलधाराएं अपने बांयी और प्रवाहित होती हैं यह कारिओलिस बल के प्रभाव से होता है।
  • महासागरीय जल धाराओं के संचरण की सामान्य व्यवस्था का एकमात्र प्रसिद्ध अपवाद हिंद महासागर के उत्तरी भाग में पाया जाता है इस भाग में धाराओं के प्रवाह की दिशा मानसूनी पवन की दिशा के साथ बदल जाती है गर्म जल धाराएं ठंडे सागरों की ओर और ठंडी जलधाराएं गर्म सागरो की ओर बहने लगती है।
  • प्रशांत महासागर की गर्म जलधाराएं
  • .उत्तरी विषुवत रेखीय जलधारा
  • .क्यूरोसियो कि जलधारा
  • .उत्तरी प्रशांत जल प्रवाह
  • .अलास्का की जलधारा
  • .एल नीनो जलधारा
  • .सुशीमा की जलधारा
  • .दक्षिण विषुवत रेखीय जलधारा
  • .पूर्वी ऑस्ट्रेलिया की जलधारा
  • . विपरीत विषुवत रेखीय जलधारा
  • प्रशांत महासागर की ठंडी जलधाराएं
  • क्यूराइल विषुवत रेखीय जलधारा
  • कैलिफोर्निया की जलधारा
  • हंबोल्ट या पेरूवियन की जलधारा
  • अंटार्कटिका की जलधारा
  • अटलांटिक महासागर की गर्म जल धाराएं
  • उत्तरी विषुवत रेखीय जलधारा
  • गल्फ स्ट्रीम जलधारा
  • फ्लोरिडा जलधारा
  • दक्षिण विषुवत रेखीय जलधारा
  • ब्राजील जलधारा
  • विपरीत विषुवत रेखीय गिनी जलधारा
  • इरमिजर की जलधारा
  • अटलांटिक महासागर की ठंडी जलधाराएं
  • लैब्राडोर की जलधारा
  • बेंगुएला की जलधारा
  • कनारी जलधारा
  • पूर्वी ग्रीनलैंड की जलधारा
  • अंटार्कटिका की जलधारा
  • फॉकलैंड की जलधारा   
  • हिंद महासागर की गर्म एवं स्थाई जलधाराएं
  • दक्षिण विषुवत रेखीय जलधारा
  • मोजांबिक की जलधारा
  • अगुलहास की जलधारा
  • हिंद महासागर की ठंडी एवं स्थाई जलधाराएं: पश्चिम आस्ट्रेलिया की जलधारा
  • सारगैसो सागर:-उत्तरी अटलांटिक महासागर में 20°से 40°उत्तरी अक्षांश तथा 35°से 75°पश्चिमी देशांतर ओं के मध्य चारों ओर प्रवाहित होने वाली जल धाराओं के मध्य स्थित शांत एवं स्थिर जल के क्षेत्र को सारगैसो सागर के नाम से जाना जाता है यह गल्फ स्ट्रीम कनारी तथा उत्तरी विषुवत धाराओं के चक्कर बीच स्थित शांत जल क्षेत्र है इसके तट पर मोटी समुद्री घास तैरती है इस घास को पुर्तगाली भाषा में सारगैसम कहते हैं जिसके नाम पर ही इसका नाम सारगैसो सागर रखा गया है सारगैसम जड़विहीन घास है सारगैसो सागर क्षेत्रफल लगभग 11000 वर्ग किलोमीटर है यहां अटलांटिक की सर्वाधिक लवणता व तापमान मिलती है।
  • सारगैसो सागर को सर्वप्रथम स्पेन के नाविको ने देखा था।
  • सारगैसो सागर को महासागरीय मरुस्थल के रूप में पहचाना जाता है।
  • न्यूफाउंडलैंड के समीप ही  गल्फ स्ट्रीम जलधारा एवं लैब्राडोर जलधारा मिलती है।
  • न्यूफाउंडलैंड पर ही समुद्री मछली पकड़ने का प्रसिद्ध स्थान ग्रैंड बैंक उत्तरी अटलांटिक महासागर में स्थित है।
  • गर्म एवं ठंडी जलधारा जहां मिलती है वहां क्या है प्लैंक्टन नामक घास मिलती है जिससे उस स्थान पर मत्स्य उद्योग अत्यधिक विकसित हुआ है।
  • जापान के निकट क्यूरो-शिवो की गर्मधारा तथा ओय-शिवो की ठंडी धारा के जल के मिलने से वहां पर घना कुहासा छाया रहता है।

                  ज्वार-भाटा

  • ज्वार भाटा चंद्रमा एवं सूर्य की आकर्षण शक्तियों के कारण सागरीय जल के ऊपर उठाने तथा गिरने को ज्वार भाटा कहते हैं सागरीय जल के ऊपर उठकर आगे बढ़ने को ज्वार तथा सागरीय जल को नीचे गिर कर पीछे लौटने (सागर की ओर) को भाटा कहते हैं।
  • चंद्रमा का ज्वार उत्पादक बल सूर्य की अपेक्षा 2 गुना होता है क्योंकि यह सूर्य की तुलना में पृथ्वी के अधिक निकट है
  • अमावस्या और पूर्णिमा के दिन चंद्रमा सूर्य एवं पृथ्वी एक ही सीध में होते हैं अतः इस दिन उच्च ज्वार उत्पन्न होता है।
  • दोनों पक्षों की सप्तमी अष्टमी को सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के केंद्र पर समकोण बनाते हैं इस स्थिति में सूर्य और चंद्रमा के आकर्षण बल एक दूसरे को संतुलित करने के प्रयास में प्रभावहीन हो जाते हैं अतः इस दिन निम्न ज्वार उत्पन्न होता है।
  • पृथ्वी पर प्रत्येक स्थान पर प्रतिदिन 12 घंटे 26 मिनट के बाद ज्वार तथा ज्वार के 6 घंटा 13 मिनट बाद भाटा आता है।
  • ज्वार प्रतिदिन दो बार आते हैं एक बार चंद्रमा के आकर्षण से और दूसरी बार पृथ्वी के अपकेंद्रीय बल के कारण।
  • सामान्यतः ज्वार प्रतिदिन दो बार आता है किंतु इंग्लैंड के दक्षिणी तट पर स्थित साउथेंप्टन मैं ज्वार प्रतिदिन 4 बार आते हैं यहां दो बार ज्वार इंग्लिश चैनल से होकर और दो बार उत्तरी सागर से होकर विभिन्न अंतराल पर पहुंचते हैं
  • महासागरीय जल की सतह का औसत दैनिक तापांतर नगण्य होता है (लगभग 1°c)
  • महासागरीय जल का उच्चतम वार्षिक तापक्रम अगस्त में एवं न्यूनतम वार्षिक तापक्रम फरवरी में अंकित किया जाता है।

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