प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना:- सिंचाई पानी के बेहतर उपयोग एवं अन्य नकदी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह योजना संचालित है। ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों में रवि एवं ग्रीष्मकालीन फसलें ली जा सके।  योजना अंतर्गत लघु एवं सीमांत कृषकों को कुल 70% अनुदान केंद्र (33% तथा राज्य 37%) दिया जा रहा है तथा कृषकों को 50%( केंद्र 27% तथा राज्य 23% )का प्रावधान है।

 प्रधानमंत्री साइल हेल्थ कार्ड वितरण योजना:- वर्ष 2016 -17 में प्रदेश के सभी कृषकों को को हेल्थ कार्ड उपलब्ध कराए जाने की योजना किसानों को मात्र ₹2 में मिट्टी परीक्षण की सुविधा।

 राष्ट्रीय कृषि विकास योजना:- योजना के अंतर्गत राज्य में एक उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला कृषि यंत्र परीक्षण प्रयोगशाला तथा कृषि प्रशिक्षण अकादमी की स्थापना की गई है राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत निम्न अधोसरंचना  विकास एवं कार्य किए जा रहे हैं।

  1. बहुउद्देशीय कृषक सेवा केंद्र की स्थापना।
  2. कृषक सूचना सलाह केंद्र की स्थापना।
  3. टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला निर्माण।
  4.  शैलो ट्यूबवेल स्थापना।
  5. हरित क्रांति विस्तार योजना अंतर्गत चेक डैम निर्माण लघु सिंचाई तालाब निर्माण।

कृषि विस्तार तंत्र का सुधार राज्य में कृषि विस्तार तंत्र का सुधार कृषक स्तर से योजना की तैयारी तथा क्रियान्वयन विपणन व्यवस्था को कृषि प्रसार तंत्र में शामिल किया जाना है।

 प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना:- प्रदेश में किसानों की फसलों के बीमा हेतु राष्ट्रीय कृषि बीमा योजना तथा मौसम आधारित फसल बीमा योजना संचालित है इन योजनाओं के अंतर्गत 2015- 2016 में 12.73लाख कृषकों को बीमित किया गया था खरीफ वर्ष 2016 से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू की गई जिसमें स्थिति अनुसार क्षतिपूर्ति के निम्नानुसार प्रावधान है।

  1. बुआई नहीं हो पाने की स्थिति/ बुवाई का फेल हो जाना।
  2.  फसल की अवधि में नुकसान होने की स्थिति में।
  3.  स्थानीय आपदाओं के मामले में क्षति की स्थिति में।
  4.  फसल कटाई के उपरांत सुखाने के लिए फैला कर रखी हुई फसल में नुकसान की स्थिति में।
  5.  फसल पैदावार के आधार पर व्यापक क्षति की स्थिति में।

 परंपरागत कृषि विकास योजना:- प्रमाणित जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 6 जिले सरगुजा, सूरजपुर, जसपुर, कोंडागांव  ,दंतेवाड़ा, कोरबा में लागू योजना का क्रियान्वयन निजी सेवा प्रदाय को गैर शासकीय संस्थाओं से कराने का प्रावधान।

 कृषक जीवन ज्योति योजना:- कृषक जीवन ज्योति योजना के तहत 3 हॉर्स पावर तक सिंचाई  पंप के लिए 6000 यूनिट और 3 से 5 हॉर्स पावर तक सिंचाई पंपों के लिए 7500  यूनिट बिजली हर साल निशुल्क योजना के अंतर्गत किसानों को फ्लेट दर पर भुगतान करने का विकल्प 5 हॉर्स पावर तक के सिंचाई पंपों के लिए ₹100 प्रति हॉर्स पावर प्रतिमाह फ्लेट दर।

 राष्ट्रीय खाद्यान्न सुरक्षा मिशन :- चावल की उत्पादकता बढ़ाने हेतु प्रदेश के 10 जिले दंतेवाड़ा, जांजगीर चांपा, जसपुर, कवर्धा ,कोरबा ,कोरिया ,रायगढ़, रायपुर ,राजनांदगांव एवं सरगुजा में तथा दलहनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए 8 जिले बिलासपुर, दुर्ग ,जसपुर, कबीरधाम ,रायगढ़ ,रायपुर सरगुजा एवं राजनांदगांव का चयन किया गया है।

हरित क्रांति विस्तार योजना:- यह योजना प्रदेश के गैर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन वाले 8 जिले महासमुंद धमतरी ,दुर्ग ,बालोद, बेमेतरा, जांजगीर-चांपा कांकेर एवं नारायणपुर में लागू है। योजना का उद्देश्य है ।

1.फसलों के कुल उत्पादन में वृद्धि करना ।

2. वृहद प्रदर्शन के माध्यम से कृषि तकनीक को कृषकों तक पहुंचाना ।

3. कृषकों की आय में वृद्धि करना।

जैविक खेती योजना:- प्रदेश में 4 जिले गरियाबंद सुकमा बीजापुर एवं दंतेवाड़ा को पूर्ण जैविक जिला तथा शेष 23 जिलों में 11 विकासखंड को पूर्ण जैविक विकास खंड के रूप में विकसित किए जाने की योजना है

किसान समृद्धि (नलकूप योजना):- किसान समृद्धि योजना प्रदेश के कृषकों को निजी नलकूप खनन कर सुनिश्चित सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु नलकूप खनन पर सामान्य वर्ग के कृषकों को ₹25000 तथा अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति वर्ग के कृषकों को ₹43000 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के कृषकों को ₹35000 अधिकतम अनुदान देय है।

 सूक्ष्म  सिंचाई योजना:- राज्य सरकार द्वारा कृषकों को ड्रिप सिंचाई पर अनुदान के लिए 2012 13 से यह योजना सभी जिलों में संचालित है।  योजना अंतर्गत लघु सीमांत कृषकों को 70% तथा अन्य कृषि को 50% अनुदान का प्रावधान है।

 सूरज धारा योजना (बीज अदला-बदली की योजना):- इसके अंतर्गत कृषक को लाभकारी फसलों के बीज के बदले लाभकारी फसलों के उन्नत बीज (एक हेक्टेयर सीमा तक) दिया जाता है।

 अन्नपूर्णा योजना:- राज्य के 13 जिलों में यह योजना क्रियान्वित की जा रही है जिसके अंतर्गत धान की अदला बदली व बीज स्वावलंबन के लिए कृषकों को अनुदान दिया जाता है।

 कृषक समग्र विकास योजना :- कृषकों को प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने 2007- 2008 से बीज बैंक योजना प्रारंभ की गई है। योजना के तहत सामान्य बीच के बदले में प्रमाणित बीज दिया जाता है।

  जैव डीजल फसलों की खेती :-   अनुपयोगी एवं पड़त भूमि पर रतनजोत, करंज की खेती हेतु।

चलित – मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला :-  ऐसे वाहन कांकेर, कबीरधाम, कोरबा एवं सरगुजा के ग्रामीण अंचलों में मिट्टी के नमूनों पर स्थल परीक्षण कर त्वरित परिणाम उपलब्ध करा रहे हैं।

जैविक कीट नियंत्रण प्रयोगशाला :-  केंद्र शासन द्वारा जिला बिलासपुर में प्रयोगशाला निर्माण।

शाकंभरी योजना :-  राज्य में निजी स्त्रोतों से सिंचाई रख दे में वृद्धि करने तथा उपलब्ध प्राकृतिक जल स्रोत का सिंचाई में उपयोग करने को प्रोत्साहित करने के लिए सभी वर्ग के लघु एवं सीमांत कृषकों को को 0.5 से 5.00 हॉर्स पावर तक के विद्युत तथा ओपन वेल सबमर्सिबल पंप, डीजल पंप एवं पेट्रोल पंप क्रय करने पर 75% अधिकतम 16875 रुपए एवं कुआ निर्माण पर 50% अधिकतम ₹22500 अनुदान देने का प्रावधान है।

राजीव किसान मितान योजना :-  राजीव किसान मितान धान की कम लाभदाई किस्मों के बदले बेहतर बिकाऊ किस में और अधिक दाम देने वाले राज्य अन्य फसलें भी लगाने का अभियान है।

खलिहान अग्नि दुर्घटना राहत योजना :-  खलिहान में मिसाई के लिए रखी गई फसलों को अग्नि दुर्घटना से क्षति होने पर प्रभावित किसान को अधिकतम ₹25000 की सहायता।

कुआं, नलकूप पुनर्भरण की योजना :-  भूजल दोहन के साथ इसके  पुनर्भरण को भी प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग की योजना। इसके तहत प्रतिमा कॉमन नलकूप अनुदान दिया जा रहा है।

राज्य भंडार गृह निगम :-इसका मुख्य उद्देश्य मुख्य स्थानों पर गोदामों का निर्माण करना और उसमें कृषि उत्पाद, बीज, उर्वरक , कृषि उपकरण एवं अन्य कृषि उपयोगी वस्तुओं का भंडारण करना।

राज्य कृषि उद्योग विकास निगम :-इस निगम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कृषि उत्पादन की आधुनिक तकनीक उपलब्ध कराना और कृषि आधारित उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहन देना।

इसके अलावा कृषि संबंधित आदानो (बीज, उर्वरक, उपकरण आदि) की आपूर्ति करना भी राज्य कृषि उद्योग विकास निगम का मुख्य उद्देश्य है।

  • विविध तथ्य :-समर्थन मूल्य नीति के तहत धान खरीदी की कंप्यूटरीकृत व्यवस्था।
  • राज्य में वर्तमान में 69 कृषि उपज मंडी एवं 118 उपमंडीया कार्यरत है।
  • कृषि कार्य के लिए सातों दिन 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने वाला छत्तीसगढ़ पहला राज्य।
  • प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2012 -13 में पहली बार अलग से कृषि बजट प्रस्तुत किया।
  • किसानों को जीरो प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण का प्रावधान।
  • राज्य में  विद्युत इक्रित सिंचाई पंपों की संख्या वर्ष 2015 -16 में लगभग 370000 तक पहुंच गई।
  • बालोद जिले करकाभाट, सूरजपुर जिले के ग्राम केंद्र एवं कबीरधाम जिले के पंडरिया विकासखंड के ग्राम  बिसेसर में नए शक्कर कारखाने की स्थापना।
  • वर्ष 2015 – 16 में राज्य की कुल 117 तहसीलों में सूखे की स्थिति के कारण वर्ष 2014 -15 की तुलना में वर्ष 2015-16 में फसलों के उत्पादन में कमी आई।
  • किसान शॉपिंग मॉल राजनांदगांव : मंडी में निर्माण कराया गया।
  • प्रदेश के जल ग्रहण क्षेत्र जोबा (गरियाबंद) को राष्ट्रीय उत्पादकता पुरस्कार दिया गया।
  • छत्तीसगढ़ राज्य को प्राप्त राष्ट्रीय कृषि कर्मण पुरस्कार से सम्मानित किया गया-
  • वर्ष  2010 – 11 में धान उत्पादन के लिए, प्रशस्ति पत्र एवं 1 करोड़ रुपए की पुरस्कार राशि।
    वर्ष 2012 -13 में धान उत्पादन के लिए, प्रशस्ति पत्र एवं एक करोड़ पुरस्कार राशि।
    वर्सेस 2013 -14 में धान उत्पादन के लिए, प्रशस्ति पत्र एवं 2 करोड़ रुपए पुरस्कार राशि।
    वर्ष 2014 – 15 में दलहन की क्षेत्र में विशेष उपलब्धि के लिए प्रदेश का चयन।

                                                     फसल एवं उनकी किस्में

                      फसल                                 किस्में
                       धानस्वर्णा, महामाया,आई. आर. 36, इंदिरा सोना, आई. आर.64, समलेश्वरी, बमलेश्वरी,दंतेश्वरी, चंद्रहासिनी, पूर्णिमा, क्रांति, अनंदा, सफरी,जलदुबी, इंदिरा 9, कर्मा मासूरी, अभया, माहेश्वरी आदि है। दुबराज विष्णु भोग बादशाह भोग जवा फूल आदि छत्तीसगढ़  की विख्यात परंपरागत किस्मे है
                      गेहूं  शरबती, बिलासा, अरपा, रतन, स्वाती, सुजाता।  
                    कोदो  जीपीयूके-3,  केएमवी- 20, आईजीके -3 (एलसी)।  
                   कुटकी        सीओ-2,आईजीएल-4,आईजीएल-9।
                      रागी    एचआर- 374, वीएल- 14, पीईएस -400।
                   कुलथी    के -42, बीके -1, पीडीएम-1, वीजेडएम।
                  सोयाबीन    एनआरसी -37, गौरव, दुर्गा, एमएसीएस- 58, इंदिरा सोया-9।
          तीवड़ा    महातिवड़ा ।
                  अरहर    राजीवलोचन।
                 अलसी    दीपिका।
                  सरसों    छत्तीसगढ़ सरसों।
                    आम    इंदिरा,नंदीराज।

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