• छत्तीसगढ़ सरकार की महिला विकास एवं सशक्तिकरण योजनाओं का विस्तार पूर्वक वर्णन
  • छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा महिला विकास एवं सशक्तिकरण के लिए बहुत सारे योजनाएं लागू की गई हैं यह योजनाएं इस तरह है
  • मुख्यमंत्री शिशु शक्ति एवं मुख्यमंत्री महतारी शक्ति आहार:- भारत में छत्तीसगढ़ प्रथम राज्य है जहां बच्चों और महिलाओं के लिए पौष्टिक आहार के उत्पादन और उसके पैकेट तैयार करने का कार्य महिला स्व सहायता समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है राज्य को कुपोषण से मुक्त करने के विशेष अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ शासन ने प्रत्येक 25 आंगनबाड़ी केंद्रों पर एक महिला स्व सहायता समूह को मुख्यमंत्री शिशु शक्ति और मुख्यमंत्री महतारी शक्ति के ब्रांड नामों से पौष्टिक आहार बनाने का काम सौंपा गया है
  • सबला योजना:- 11 से 18 वर्ष आयु की किशोरी बालिकाओं के लिए राज्य के 10 जिलों रायपुर गरियाबंद बलोदा बाजार रायगढ़ राजनांदगांव कोंडागांव बस्तर सूरजपुर बलरामपुर एवं सरगुजा में संचालित है उद्देश्य किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषण आहार देना इसमें 11 से 14 वर्ष आयु की शाला त्यागी एवं 14 से 18 वर्ष आयु की सभी किशोरी बालिकाओं को पूरक पोषण आहार दिया जाता है योजना अंतर्गत 11 से 14 वर्ष आयु वर्ग शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं 14 से 18 वर्ग की शाला जाने वाली एवं शाला त्यागी किशोरी बालिकाओं को महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से टेक होम  राशन पद्धति से रेडी टू ईट दिया जाता है किशोरी बालिकाओं को 165 ग्राम रेडी टो ईट फूड सप्ताह में 6 दिन दिया जाता है
  • किशोरी शक्ति योजना:- सबला योजना संचालित 10 जिलों के अतिरिक्त शेष जिलों में किशोरी शक्ति योजना संचालित है योजना अंतर्गत प्रशिक्षण एवं अन्य गतिविधियों के लिए प्रति परियोजना 300 बालिकाओं को लाभान्वित किया जाता हैं
  • आयुष्मति योजना:- हितग्राही ग्रामीण भूमिहीन गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले परिवार की महिलाएं सहायता का स्वरूप शासकीय अस्पतालों में 1 सप्ताह तक उपचार हेतु भर्ती रहने पर ₹400 एक तथा 1 सप्ताह से अधिक भर्ती रहने पर ₹1000 तक की चिकित्सा सहायता के तहत इलाज दवा पौष्टिक आहार आदि उपलब्ध कराना रोगी महिला के साथ आए परिचारक को भी सुविधाजनक विश्राम तथा दो समय के भोजन की सुविधा दी जाती है
  • महिला जागृति शिविर:- महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागृत करने विभिन्न योजनाओं को जानकारी देकर उन्हें जागरूक एवं सक्रिय बनाने तथा विभिन्न सामाजिक कुप्रथाओं की रोकथाम एवं महिलाओं के सामाजिक सशक्तिकरण के लिए विभाग द्वारा ग्राम पंचायत जनपद एवं जिला स्तर पर शिविर आयोजित किए जाते हैं आगामी 3 वर्षों के भीतर राज्य के सभी पंचायतों में कम से कम एक बार शिविर अनिवार्य रूप से आयोजित करने हेतु कार्य योजना बनाई गई है
  • समर्थ अभियान:- महिलाओं बच्चों व निशक्त जनों के सशक्तिकरण के लिए छत्तीसगढ़ में समर्थ अभियान शुरू किया गया है
  • मुख्यमंत्री कन्यादान योजना:- उद्देश्य निर्धन परिवारों को कन्या के विवाह में होने वाली आर्थिक कठिनाइयों का निवारण विवाह के अवसर पर होने वाली फिजूलखर्ची को रोकना एवं सादगी पूर्ण विवाह को बढ़ावा देना सामूहिक विवाह आयोजन द्वारा निर्धनों के मनोबल आत्म सम्मान में वृद्धि एवं सामाजिक स्थिति में सुधार विवाह में दहेज के लेनदेन की रोकथाम करना पात्रता योजना अंतर्गत मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना के अंतर्गत कार्ड धारी परिवार की 18 वर्ष से अधिक आयु की अधिकतम दो कन्याओं को योजना का लाभ प्राप्त होगा सहायता का स्वरूप योजना के अंतर्गत ₹11500 तक की आर्थिक सहायता सामग्री के रूप में तथा ढाई हजार रुपए आयोजन व्यय के रूप में तथा ₹1000 चेक ड्राफ्ट के रूप में अर्थात प्रति कन्या कुल ₹15000 की सहायता का प्रावधान है
  • छत्तीसगढ़ महिला कोष:-  महिलाओं के आर्थिक एवं सामाजिक विकास संबंधी कार्यों को बढ़ावा देने महिला सशक्तिकरण के लिए आवश्यक उपाय करने तथा महिला स्व सहायता समूह के गठन सुदृढ़ीकरण एवं आर्थिक गतिविधि के लिए वित्तीय एवं अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ महिला कोष का गठन 2002 में किया गया है छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा महिला स्व सहायता समूह को आसान शर्तों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है योजना अंतर्गत स्व सहायता समूह को अधिकतम ₹50000 तक का ऋण प्रथम बार में प्रदाय किया जाता है प्रथम प्रथम बार प्रदत ऋण सफलतापूर्वक वापसी पर ₹100000 तक का ऋण द्वितीय बार में प्रदान किया जाता है योजना के तहत छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा महिला स्व सहायता समूह को 3% साधारण वार्षिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है
  • स्वावलंबन योजना:- 35 से 45 आयु वर्ग की अविवाहित महिलाएं विधवा एवं परित्यक्ता या तलाकशुदा महिलाओं के लिए छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा वर्ष 2009-10 में स्वावलंबन योजना आरंभ की गई है योजना में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु स्वरोजगार के लिए निशुल्क प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है इसमें प्रति हितग्राही ₹5000 व्यय सीमा का प्रावधान है
  • सक्षम योजना:- विधवा महिलाएं अथवा 35 से 45 आयु वर्ग की अविवाहित महिलाओं अथवा कानूनी तौर पर तलाकशुदा महिलाओं को  स्वयं का व्यवसाय आरंभ करने हेतु छत्तीसगढ़ महिला कोष द्वारा वर्ष 2009 – 2010 में सक्षम योजना आरंभ किया गया है इसके तहत स्वरोजगार हेतु ऋण दिया जाता है
  • शक्ति स्वरूपा योजना:- विधवा तथा तलाकशुदा महिलाओं के जीव को पार्जन तथा आर्थिक स्वावलंबन के लिए यह योजना वर्ष 2009 वर्ष 2010 में राज्य के बस्तर नारायणपुर दंतेवाड़ा सुकमा कुंडा गांव तथा बीजापुर जिले में प्रारंभ की गई है सहायता प्रावधान तीन भागों में विभक्त है स्वयं  का व्यवसाय प्रारंभ करने हेतु ऋण में सब्सिडी व्यवसायिक तकनीकी प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहायता व्यवसायिक उच्च शिक्षा हेतु आर्थिक सहायता
  • महिला समृद्धि बाजार योजना:- राज्य शासन द्वारा मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के अंग के रूप में प्रदेश की शिक्षित बेरोजगार महिलाओं को सस्ता सुरक्षित एवं मूलभूत सुविधा युक्त बाजार उपलब्ध कराने तथा उनके कौशल श्रम द्वारा तैयार उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से महिला समृद्धि बाजार योजना प्रथम चरण में 50,000 से अधिक जनसंख्या वाले नगरी निकाय में लागू है योजना अंतर्गत बाजार में दुकान खरीदने के लिए दुकानों की लागत का 50% तक अनुदान एवं 50% ऋण उपलब्ध कराया जाता है
  • महतारी जतन योजना:- आदिवासी विकास खंडों में गर्भवती महिलाओं को पोषण व स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना
  • तेजस्वी योजना:- गर्भवती महिलाओं की देखभाल करने हेतु
  • धन लक्ष्मी योजना:- बस्तर जिले के जगदलपुर परियोजना में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में धन लक्ष्मी योजना का शुभारंभ हुआ है इस योजना का प्रमुख उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को हतोत्साहित करना एवं बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करन करना है
  • नवा बिहान योजना:- घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं को विधिक परामर्श चिकित्सा आश्रय देने हेतु प्रारंभ जननी सुरक्षा योजना सुरक्षित मातृत्व को बढ़ावा देने के साथ ही मातृ मृत्यु दर एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा संस्थागत प्रसव को प्रोत्साहित देने के उद्देश्य से प्रारंभ की गई है योजना अंतर्गत राज्य में हितग्राहियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है
  • सखी:- देश का पहला वन स्टॉप सेंटर रायपुर में पीड़ित महिलाओं की सहायता के लिए देश का पहला वन स्टॉप सेंटर रायपुर में शुरू हो गया केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका गांधी और मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने वन स्टॉप सेंटर का शुभारंभ किया इस सेंटर में घरेलू हिंसा लैंगिक हिंसा बलात्कार दहेज उत्पीड़न तेजाब तो टोनही के नाम पर प्रताड़ित कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न अवैध मानव व्यापार बाल विवाह लिंग चयन भ्रूण हत्या तथा सती प्रथा आदि से पीड़ित सभी वर्ग की महिलाओं को एक ही छत के नीचे एकीकृत रूप से सलाह सहायता मार्गदर्शन और संरक्षण दिया जाएगा 18 वर्ष से कम उम्र की पीड़ित बालिकाओं को भी इस सेंटर में सहायता मिलेगी किसी भी पीड़ित महिला को अन्य पुनर्वास की व्यवस्था होने तक अधिकतम 5 दिन यहां रहने की सुविधा दी जाएगी कोर्ट और पुलिस से संबंधित कार्रवाई यों के लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी वन स्टॉप सेंटर का टोल फ्री नंबर 181 है वन स्टॉप सेंटर का निर्माण नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ने 1 महीने के अल्पावधि में प्रीफैब तकनीक से किया है

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